मलकानगिरी: ओडिशा के मलकानगिरी जिला से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां चोरी करते पकड़े गए युवकों के साथ भीड़ ने कानून अपने हाथ में ले लिया। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अपराधी होने के बावजूद किसी के साथ इस तरह सरेआम मारपीट करना सही है?
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यह मामला कालीमेला थाना क्षेत्र के कुंभीगुड़ा गांव का है। जानकारी के मुताबिक, तीन युवक एक घर में चोरी करने पहुंचे थे। उसी दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से करीब 40 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया।
इसके बाद गांव वालों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने युवकों को बिजली के खंभे से बांध दिया। फिर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। लात-घूंसे और डंडों से पीटने का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक रहम की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं, लेकिन भीड़ पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
पुलिस ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर मलकानगिरी के अतिरिक्त एसपी आर.के. दास ने बताया कि पकड़े गए युवक चोरी की घटना में शामिल थे और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, भीड़ द्वारा की गई हिंसा को भी गंभीरता से लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, घटना 3 अप्रैल की है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवकों को भीड़ से छुड़ाया। इसके बाद स्थानीय लोगों की शिकायत के आधार पर युवकों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।
हालांकि, शुरुआत में स्थानीय लोगों ने मारपीट की जानकारी पुलिस को नहीं दी थी। 4 अप्रैल को जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब पुलिस ने खुद संज्ञान लिया और कार्रवाई शुरू की।
जांच के बाद पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, जिन्होंने युवकों को खंभे से बांधकर पीटा था। इस मामले में 8 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि भीड़ में शामिल लोगों पर बीएनएस की धारा 294, 341, 323, 506 और 34 के तहत केस दर्ज किया गया है। यह नोटिस योग्य मामला है, इसलिए आरोपियों को नोटिस दिया जाएगा और दोनों पक्षों से बॉन्ड लिया जाएगा।
वहीं, पकड़े गए युवकों पर बीएनएस की धारा 457(d) लगाई गई है, जिसमें 7 साल से अधिक सजा का प्रावधान है। इसी वजह से उन्हें कोर्ट में पेश कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, इन युवकों पर पहले से भी चोरी के मामले दर्ज हैं और वे आदतन अपराधी रहे हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है, लेकिन यह घटना साफ दिखाती है कि अपराध चाहे जो भी हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है। (ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)